जिंदगी मैं तेरे उसूलों का मान रखता हूँ

Zindagi poem in hindi

Zindagi poem in hindi

एक छुपी हुई पहचान रखता हूँ,
बाहर शांत हूँ, अंदर तूफान रखता हूँ।

रख के तराजू में अपने दोस्त की खुशियाँ,
दूसरे पलड़े में मैं अपनी जान रखता हूँ।

बंदों से क्या, रब से भी कुछ नहीं माँगा
मैं मुफलिसी में भी नवाबी शान रखता हूँ।

मुर्दों की बस्ती में ज़मीर को ज़िंदा रख कर,
ए जिंदगी मैं तेरे उसूलों का मान रखता हूँ।

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Motivational Zindagi Poetry in Hindi

Motivational Zindagi Poetry on Life

Motivational Zindagi Poetry on Life

तू जिंदगी को जी,
उसे समझने की कोशिश न कर

सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन,
उसमे उलझने की कोशिश न कर

चलते वक़्त के साथ तू भी चल,
उसमे सिमटने की कोशिश न कर

अपने हाथो को फैला, खुल कर साँस ले,
अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर

मन में चल रहे युद्ध को विराम दे,
खामख्वाह खुद से लड़ने की कोशिश न कर

कुछ बाते भगवान् पर छोड़ दे,
सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर

जो मिल गया उसी में खुश रह,
जो सकून छीन ले वो पाने की कोशिश न कर

रास्ते की सुंदरता का लुत्फ़ उठा,
मंजिल पर जल्दी पहुचने की कोशिश न कर !

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“माँ” दुनिया का सबसे अनमोल हीरा माँ पर कविता

Hindi Maa Poem

 

Hindi Maa Poem

ये दुनिया है तेज़ धूप, पर वो तो बस छाँव होती हैं |
स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं ||

हम बच्चों पर बचपन ही से वो लाड-प्यार बरसाती हैं,
पापा जब गुस्सा करते हैं तो वो उनसे भी लड़ जाती हैं |

चैन से हम सो जाते हैं जब वो पास हमारे होती हैं,
स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं ||

हम सब जब कुछ गलत करें तो वो प्यार से बहुत समझाती हैं,
तब भी गर हम ना सुधरें तो वो कस के रपट लगाती हैं |

खुद ही मार देने पर वो कोने में जा कर कितना रोती हैं,
स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं ||

माँ से बढ़कर कोई नहीं है इस सारे संसार में,
फिर भी हम उनसे दूर हैं होते, एक धोखे से प्यार में |

इतने पर भी माँ के चेहरे पर मुस्कान और दुआएं होती हैं,
स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं ||

ये दुनिया है तेज़ धूप, पर वो तो बस छाँव होती हैं |
स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं ||

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