Tera Intezar Shayari for Beloved

Tera Intezar Shayari

Tera Intezar Shayari

यूँ पलके बिछा कर तेरा इंतज़ार करते है,
यह वो गुनाह है जो हम बार बार करते है,
जलकर हसरत की राह पर चिराग,
हम सुबह और शाम तेरे मिलने का इंतज़ार करते है!

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