“माँ” दुनिया का सबसे अनमोल हीरा माँ पर कविता

Hindi Maa Poem

 

Hindi Maa Poem

ये दुनिया है तेज़ धूप, पर वो तो बस छाँव होती हैं |
स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं ||

हम बच्चों पर बचपन ही से वो लाड-प्यार बरसाती हैं,
पापा जब गुस्सा करते हैं तो वो उनसे भी लड़ जाती हैं |

चैन से हम सो जाते हैं जब वो पास हमारे होती हैं,
स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं ||

हम सब जब कुछ गलत करें तो वो प्यार से बहुत समझाती हैं,
तब भी गर हम ना सुधरें तो वो कस के रपट लगाती हैं |

खुद ही मार देने पर वो कोने में जा कर कितना रोती हैं,
स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं ||

माँ से बढ़कर कोई नहीं है इस सारे संसार में,
फिर भी हम उनसे दूर हैं होते, एक धोखे से प्यार में |

इतने पर भी माँ के चेहरे पर मुस्कान और दुआएं होती हैं,
स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं ||

ये दुनिया है तेज़ धूप, पर वो तो बस छाँव होती हैं |
स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं ||

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